ओम बिरला ने ताशकंद में IPU असेंबली को किया संबोधित, भारत की उपलब्धियों और लोकतांत्रिक मूल्यों को रखा सामने
दिनाँक 07/04/2025 नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित 150वीं इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) असेंबली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार और अवसर देता है। “सामाजिक विकास और न्याय के लिए संसदीय कार्रवाई” विषय पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि भारत का संविधान समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर एक समावेशी और कल्याणकारी समाज बनाने की दिशा में काम करता है।
ओम बिरला ने बताया कि हाल के वर्षों में भारतीय संसद ने कई अहम कानून बनाए हैं, जैसे दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016, ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019, और महिला आरक्षण कानून 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)। इसके साथ ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए नए श्रम कानून भी लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता की जगह लाई गई नई भारतीय न्याय संहिता से देश की न्याय व्यवस्था और भी न्यायोचित हो गई है।
संसदीय समितियों को बताया “मिनी संसद”
बिरला ने कहा कि संसदीय समितियाँ सरकार और संसद के कार्यों में सहयोग करती हैं और उन्हें “मिनी संसद” कहा जाता है। ये समितियाँ सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने खास तौर पर सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, श्रम और कौशल विकास से जुड़ी समितियों का उल्लेख किया।
भारत के विकास की दी जानकारी
भारत के विकास पर बात करते हुए ओम बिरला ने बताया कि “प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” (आयुष्मान भारत) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो देश की गरीब आबादी को मुफ्त इलाज मुहैया कराती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था में 105% की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है।
बिरला ने भारत की स्टार्टअप, अंतरिक्ष, रक्षा, आईटी और फार्मा जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया।
भारत-वियतनाम रिश्तों पर भी हुई चर्चा
सम्मेलन के दौरान ओम बिरला ने वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ट्रान थान मान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम के 50 वर्षों पुराने रिश्तों को याद करते हुए रक्षा, तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
ओम बिरला ने “डिजिटल संसद” पहल का भी जिक्र किया, जिससे संसद के कामकाज में पारदर्शिता, कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में वियतनामी छात्र भारत में पढ़ाई और ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रान थान मान ने राम नवमी की शुभकामनाएं दीं और ओम बिरला को वियतनाम आने का निमंत्रण भी दिया। दोनों देशों ने एक संसदीय मैत्री समूह बनाने पर भी चर्चा की।
अंत में ओम बिरला ने कहा कि IPU जैसा मंच दुनिया भर के संसदों को जोड़ने का काम करता है और इसकी 150वीं असेंबली का विषय “वसुधैव कुटुंबकम्” यानी “दुनिया एक परिवार है”, भारत की सोच को दर्शाता है।
