नोटों के विवाद के बाद जस्टिस वर्मा का इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर
“दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से अधजली नोटों की गड्डियां मिलने के बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट हो गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और सरकार ने इस निर्णय को स्वीकृति दे दी है।”
दिनाँक 29/03/2025 नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से अधजली नोटों की गड्डियां मिलने के बाद अब उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने इस पर सिफारिश की थी, जिसे शुक्रवार को सरकार ने मंजूरी दे दी। इसके बाद, जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया।
विधि और न्याय मंत्रालय ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने का निर्णय किया है।
इससे पहले, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस वर्मा के तबादले के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। उनका कहना है कि तबादला रद्द होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
आपको बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवासीय बंगले में आग लगने से एक बड़ा खुलासा हुआ था। आग बुझाने के बाद जज के घर से भारी मात्रा में अधजली नोटों की गड्डियाँ बरामद की गईं। इस घटना ने न्यायिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया और यह मामला संसद से सड़क तक चर्चा का विषय बन गया।
