चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: वोटर कार्ड के EPIC नंबर को आधार से जोड़ा जाएगा
दिनाँक 19/03/2025 नई दिल्ली
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज करेगा। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए।
बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव और UIDAI (आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था) के सीईओ भी मौजूद थे। आयोग ने साफ किया कि यह पूरी प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के नियमों के तहत की जाएगी। जल्द ही UIDAI और ECI के तकनीकी विशेषज्ञ आपसी परामर्श शुरू करेंगे।
डुप्लीकेट वोटर आईडी का समाधान तीन महीने में
चुनाव आयोग ने पहले 10 मार्च को कहा था कि डुप्लीकेट वोटर आईडी एक पुरानी समस्या है। राज्यों को निर्देश दिया गया था कि वे मतदाता सूची को अपडेट करते समय सभी गलतियों को दूर करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति अपने EPIC (वोटर आईडी) नंबर के बावजूद सिर्फ अपने तय मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है।
चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया कि मौजूदा और भविष्य के सभी मतदाताओं को एक यूनिक EPIC नंबर दिया जाएगा और डुप्लीकेट वोटर आईडी की समस्या को तीन महीने के अंदर हल किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस ने उठाया था EPIC नंबर पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मतदाताओं को एक ही EPIC नंबर दिए जाने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद चुनाव आयोग को यह स्वीकार करना पड़ा कि कुछ राज्यों में अधिकारियों ने गलत अल्फ़ान्यूमेरिक कोड का उपयोग कर दिया था।
गौरतलब है कि EPIC नंबर एक 10 अंकों की पहचान संख्या होती है, जो ECI द्वारा हर पंजीकृत मतदाता को दी जाती है। आयोग अब सुनिश्चित करेगा कि सभी मतदाताओं को सही और यूनिक EPIC नंबर मिले, जिससे भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
