बहुजन समाज पार्टी में बड़ा बदलाव, मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटाया
“बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बीएसपी में बड़ा बदलाव करते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अब मैंने खुद भी यह फैसला लिया है कि मेरे जीते जी व मेरी आखिरी सांस तक भी अब पार्टी में मेरा कोई भी उत्तराधिकारी नहीं होगा।”
दिनाँक 03/03/2025 नई दिल्ली
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मुखिया मायावती ने पार्टी में बड़ा फेरबदल करते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया है। रविवार को हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। साथ ही, मायावती ने साफ कर दिया कि उनके जीते जी पार्टी में कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा।
नए नेतृत्व की नियुक्ति
मायावती ने आनंद कुमार और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को नया राष्ट्रीय समन्वयक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि बीएसपी और उसके मिशन का हित उनके पारिवारिक रिश्तों से ऊपर है।
गुटबाजी के आरोप और आकाश आनंद की विदाई
मायावती ने पार्टी में गुटबाजी को लेकर अशोक सिद्धार्थ पर आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की। इसी कारण उन्हें बीएसपी से निकाला गया। उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धार्थ का असर आकाश आनंद पर भी पड़ सकता था, इसलिए उन्हें भी सभी पदों से हटा दिया गया।
कांशीराम के सिद्धांतों की याद दिलाई
मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया। उनका मानना था कि अगर कोई भी पार्टी और आंदोलन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत हटा दिया जाना चाहिए।
बीएसपी को मजबूत करने की योजना
मायावती ने पार्टी को संगठित करने के लिए रणनीति भी बनाई। उन्होंने कहा कि आनंद कुमार हमेशा बीएसपी के प्रति वफादार रहे हैं और उन्होंने कभी पार्टी को निराश नहीं किया।
पहले भी हटाए गए थे आकाश आनंद
लोकसभा चुनाव में बीएसपी की हार के बाद मायावती ने पहले भी आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटा दिया था, यह कहते हुए कि उन्हें अभी परिपक्वता हासिल करने की जरूरत है। हालांकि, बाद में उन्हें फिर से यह जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन अब एक बार फिर मायावती ने उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है।
इस फैसले से साफ हो गया है कि बीएसपी में अब मायावती के अलावा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा, और पार्टी पूरी तरह उनके नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी।
