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दिल्ली शराब घोटाला: कैग रिपोर्ट में बड़े खुलासे,जानिए क्या-क्या खुलासे हुए

दिनाँक 26/02/2025 नई दिल्ली

दिल्ली विधानसभा में पेश कैग (CAG) रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्व सरकार की नई शराब नीति में कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को करीब 2,002.68 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

कैग रिपोर्ट के प्रमुख खुलासे:

  1. सरकार को भारी राजस्व नुकसान
    • शराब की दुकानें तय जगहों पर नहीं खोलने से 941.53 करोड़ रुपये का घाटा।
    • लाइसेंस रद्द होने के बाद दोबारा नीलामी न करने से 890 करोड़ रुपये का नुकसान।
    • लाइसेंस फीस में छूट से 144 करोड़ रुपये की हानि।
    • सुरक्षा जमा राशि सही से न लेने से 27 करोड़ रुपये का नुकसान।
  2. लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन
    • एक ही कंपनी को शराब बनाने, थोक और खुदरा बिक्री की अनुमति, जिससे बाजार पर कुछ कंपनियों का कब्जा हो गया।
  3. थोक विक्रेताओं को फायदा, सरकार को नुकसान
    • मुनाफा 5% से बढ़ाकर 12% कर दिया गया, लेकिन वादा किए गए क्वालिटी कंट्रोल लैब्स नहीं बनाए गए।
  4. लाइसेंसधारियों की जांच में लापरवाही
    • लाइसेंस देने से पहले वित्तीय स्थिति और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच नहीं हुई।
    • कुछ लाइसेंसधारियों की पिछली कमाई शून्य थी, फिर भी उन्हें लाइसेंस दिया गया।
  5. बाजार में मोनोपॉली (एकाधिकार) बनाई गई
    • पहले एक व्यक्ति को 2 दुकानें खोलने की अनुमति थी, लेकिन नई नीति में 54 दुकानें खोलने की छूट दी गई।
    • 849 शराब दुकानों के लिए सिर्फ 22 कंपनियों को लाइसेंस मिले, जिससे कुछ कंपनियों का ही दबदबा रहा।
  6. शराब की कीमतें बढ़ाने का खेल
    • कंपनियों को मनमाने ढंग से कीमत तय करने की अनुमति दी गई, जिससे शराब महंगी हो गई।
  7. नीति बनाने में पारदर्शिता की कमी
    • नई नीति में विशेषज्ञों की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया।
    • कैबिनेट की मंजूरी के बिना कई बदलाव किए गए।
  8. अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर ढील
    • रिहायशी इलाकों में बिना मंजूरी शराब दुकानें खोली गईं
    • शराब तस्करी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई
  9. गुणवत्ता जांच में गड़बड़ी
    • खराब और नकली शराब बिकती रही, क्योंकि कोई सही गुणवत्ता जांच नहीं हुई।
  10. आबकारी विभाग का लापरवाह रवैया
  • शराब बिक्री से जुड़ा सही डेटा उपलब्ध नहीं था।
  • शराब घोटाले में नियम तोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

क्या होगा अगला कदम?

कैग रिपोर्ट के सामने आने के बाद AAP नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले की जांच CBI और ED कर रही है, और अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया पहले ही आरोपी बनाए जा चुके हैं।