लखनऊ साइबर ठगी नेटवर्क का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन ठगी से जुटाई गई रकम अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों से हवाला चैनलों के जरिए भारत लाई जाती थी। इसके बाद इस पैसे को अलग-अलग बैंक खातों और फर्जी कंपनियों के माध्यम से घुमाया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को इसकी भनक न लगे।पुलिस के अनुसार गिरोह रात के समय एक गुप्त कॉल सेंटर संचालित करता था। यहां से विदेशी नागरिकों को कॉल कर निवेश, बैंकिंग और टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगी की जाती थी।
सुबह होने से पहले सभी कर्मचारी कार्यालय छोड़ देते थे, जिससे आसपास के लोगों को कोई संदेह नहीं होता था।
FAQ
Q1. लखनऊ साइबर ठगी नेटवर्क क्या है?
उत्तर: यह एक कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह है, जिस पर विदेशों से हवाला के जरिए धन लाने और ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है।
Q2. इस मामले में पैसा कैसे आता था?
उत्तर: जांच के अनुसार ठगी की रकम हवाला नेटवर्क के माध्यम से भारत पहुंचाई जाती थी।
Q3. पुलिस ने क्या बरामद किया है?
उत्तर: पुलिस ने कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप, बैंक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।











