पाकिस्तान में इस समय गंभीर पाकिस्तान आर्थिक संकट देखने को मिल रहा है। बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट मंत्रियों की 6 महीने की सैलरी रोकने का ऐलान किया है।
यह कदम सरकारी खर्च कम करने और आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उठाया गया है। इससे साफ है कि पाकिस्तान आर्थिक संकट अब गहराता जा रहा है।
इसी बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। दो दिन पहले पेट्रोल 137 रुपए और डीजल 184 रुपए महंगा हुआ था। विरोध के बाद सरकार ने पेट्रोल 80 रुपए सस्ता किया, जिससे अब इसकी कीमत करीब 378 रुपए प्रति लीटर है। हालांकि डीजल अभी भी 520 रुपए प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है।
सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी और Strait of Hormuz में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। यही कारण है कि पाकिस्तान आर्थिक संकट का असर आम जनता पर साफ दिख रहा है।
सरकार ने राहत के तौर पर किसानों और बाइक यूजर्स के लिए सब्सिडी देने का भी ऐलान किया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. पाकिस्तान में आर्थिक संकट क्यों बढ़ रहा है?
अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में वृद्धि और कमजोर अर्थव्यवस्था इसकी मुख्य वजह है।
Q2. पेट्रोल की कीमत कितनी है?
फिलहाल पेट्रोल करीब 378 रुपए प्रति लीटर है।
Q3. मंत्रियों की सैलरी क्यों रोकी गई?
सरकार खर्च कम करना चाहती है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।















