छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट रनवे को लेकर हाल ही में नया विवाद सामने आया है। नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से पहले ही पायलटों और स्थानीय संगठनों ने इसकी लंबाई और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पहले बिलासपुर एयरपोर्ट रनवे की प्रभावी लंबाई 1490 मीटर मानी जाती थी, लेकिन नाइट ऑपरेशन के लिए इसे घटाकर 1450 मीटर कर दिया गया है।पायलटों का कहना है कि रात के समय कम दृश्यता में सुरक्षित लैंडिंग के लिए पर्याप्त रनवे जरूरी होता है। ऐसे में घटाई गई लंबाई जोखिम बढ़ा सकती है। इसी कारण कुछ पायलटों ने नाइट फ्लाइट ऑपरेट करने में असहमति जताई है। वहीं, एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि यह बदलाव DGCA के नियमों के तहत किया गया है और सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है।स्थानीय हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने भी बिलासपुर एयरपोर्ट रनवे को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि पूरी लंबाई उपलब्ध है, तो उसे उपयोग में क्यों नहीं लाया जा रहा। यह मुद्दा अब क्षेत्रीय विकास और यात्रियों की सुविधा से भी जुड़ गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. बिलासपुर एयरपोर्ट रनवे की लंबाई कितनी है?
दिन में लगभग 1490 मीटर और नाइट लैंडिंग के लिए 1450 मीटर उपयोग किया जा रहा है।
Q2. पायलट नाइट लैंडिंग से क्यों असहमत हैं?
कम रनवे लंबाई के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका है।
Q3. क्या DGCA ने इस रनवे को मंजूरी दी है?
हाँ, DGCA के नियमों के अनुसार ही संचालन किया जा रहा है।











