बजट 2026 | मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग पर सरकार का बड़ा दांव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली | Arman Khan | Satvik Samacharकेंद्र सरकार आज देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला आम बजट पेश कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जा रहे इस बजट में सबसे ज्यादा चर्चा बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग को लेकर है।
माना जा रहा है कि सरकार आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए इन्हीं दो स्तंभों पर भरोसा जता सकती है।पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण रहे हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि देश के भीतर उत्पादन बढ़े और लोगों की क्रय शक्ति मजबूत हो। बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम कदम उठा सकता है।
इससे उद्योगों को नई ताकत मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए टैक्स में रियायत, नई स्कीम और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्च की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं घरेलू मांग को मजबूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों, शहरी आवास और स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस रह सकता है| विशेषज्ञों के अनुसार, जब मांग बढ़ती है तो उत्पादन अपने आप तेज होता है, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था को फायदा मिलता है।
हालांकि, इनकम टैक्स में बड़ी राहत की संभावना कम मानी जा रही है। सरकार को राजकोषीय संतुलन बनाए रखना है। इसके बावजूद पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी से बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है। कुल मिलाकर बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग को केंद्र में रखकर विकास और स्थिरता के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग पर इतना जोर क्यों?
इससे रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को सीधी गति मिलती है।
Q2. क्या इससे आम लोगों को फायदा होगा?
हां, मांग बढ़ने से रोजगार और आय के अवसर बढ़ सकते हैं।
Q3. क्या उद्योगों को नई राहत मिलने की उम्मीद है?
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नई योजनाएं और प्रोत्साहन संभव हैं।
