दिल्ली: क्यूसीआई ने विश्व प्रत्यायन दिवस 2025 का किया आयोजन
“भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) भारत में प्रत्यायन का राष्ट्रीय संरक्षक है। क्यूसीआई ने नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में विश्व प्रत्यायन दिवस 2025 आयोजित किया।”
दिनाँक 09/06/2025 नई दिल्ली
देश में गुणवत्ता और मान्यता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) ने नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में विश्व प्रत्यायन दिवस 2025 का आयोजन किया। इस मौके पर उद्योग, एमएसएमई और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था — संशोधित एनएबीएल पोर्टल का शुभारंभ। इस नए पोर्टल के ज़रिए प्रयोगशालाओं और छोटे-मझोले उद्योगों (MSME) को मान्यता लेने की प्रक्रिया और आसान, तेज़ और डिजिटल तरीके से करने की सुविधा मिलेगी।
इस साल कार्यक्रम की थीम थी — “प्रत्यायन: लघु एवं मध्यम उद्यमों का सशक्तिकरण”। यानी, छोटे कारोबारों को प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने, बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करना।
कार्यक्रम की शुरुआत खास संदेशों और एक वीडियो लॉन्च से हुई, जिसमें एमएसएमई सेक्टर में गुणवत्ता और सतत विकास पर ज़ोर दिया गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि प्रमाणन और मान्यता भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में बेहद ज़रूरी हैं। इससे भारतीय उत्पादों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
भारतीय गुणवत्ता परिषद के अध्यक्ष जैक्सय शाह ने अपने संबोधन में कहा कि मान्यता यानी प्रत्यायन, वैश्विक बाज़ार में भरोसे का टिकट है। इससे MSME सेक्टर की उत्पादकता बढ़ेगी, अस्वीकृति दरें घटेंगी और नए बाज़ार खुलेंगे।
इसके बाद हुए तकनीकी सत्र और सीईओ फोरम में विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे मान्यता छोटे व्यवसायों के लिए निर्यात, प्रबंधन प्रणाली, टिकाऊ विनिर्माण और नेट ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने में मददगार हो सकती है।
हर साल 9 जून को विश्व प्रत्यायन दिवस मनाया जाता है, ताकि दुनिया भर में गुणवत्ता अवसंरचना और मान्यता की अहमियत को बताया जा सके। इस आयोजन के ज़रिए क्यूसीआई ने फिर साबित किया कि भारत के छोटे व्यवसायों को वैश्विक मंच पर आगे लाने में प्रत्यायन की बड़ी भूमिका है।
