संस्कृत विद्वान रामभद्राचार्य और गीतकार गुलजार को ज्ञानपीठ पुरस्कार, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित
दिनाँक 17/05/2025 नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देश के दो बड़े साहित्यकारों को 58वां ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया। ये सम्मान प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य और मशहूर कवि-गीतकार गुलजार को मिला।
रामभद्राचार्य को उनके संस्कृत साहित्य और समाज सेवा में बहुमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वे दृष्टिबाधित होने के बावजूद 240 से ज़्यादा ग्रंथ लिख चुके हैं। राष्ट्रपति ने उनकी प्रतिभा और संस्कृत भाषा के प्रति समर्पण की जमकर सराहना की।
दूसरी ओर, गुलजार अपने स्वास्थ्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुलजार साहब ने दशकों तक साहित्य और सिनेमा में अपनी अनूठी पहचान बनाई है।
गुलजार के कई लोकप्रिय गीतों में ‘मैंने तेरे लिए’, ‘दिल ढूंढता है’ और ‘छैंया छैंया’ जैसे गाने शामिल हैं। उन्हें अब तक 7 नेशनल अवॉर्ड और 21 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं।
साथ ही, यह भी घोषित किया गया कि हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ल को 2024 के लिए 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलेगा।
