चंडीगढ़: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सिरसा सांसद कुमारी शैलजा पिछले तीन दिनों से हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के अभियान से गायब हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस की वरिष्ठतम दलित चेहरों में से एक मानी जाने वाली शैलजा का राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव है, और उनकी अनुपस्थिति पर विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जा रही हैं।
कुमारी शैलजा की गायब रहने की वजहों को लेकर पार्टी में ही चर्चा शुरू हो गई है। कुछ नेता इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे उनके व्यक्तिगत कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। उनके प्रभावशाली राजनीतिक करियर और दलित समुदाय में उनकी स्थिति को देखते हुए, उनकी अनुपस्थिति कांग्रेस के चुनावी अभियान पर असर डाल सकती है।
कांग्रेस पार्टी ने अभी तक शैलजा की अनुपस्थिति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता बनी हुई है। आगामी चुनावों में उन्हें अपनी रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता हो सकती है यदि शैलजा की स्थिति स्पष्ट नहीं होती है।
इस मामले में राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि कुमारी शैलजा का सक्रिय होना हरियाणा के चुनावी परिदृश्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शैलजा कब और किस रूप में पार्टी के अभियान में वापस लौटती हैं।











